बलरामपुर, 25 अगस्त। शिक्षक संवर्ग की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को बलरामपुर जिला मुख्यालय में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन हुआ। जिले के अलग-अलग विकासखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक साप्ताहिक बाजार स्थल पर पहुंचे। यहां से शिक्षकों ने रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा।
आंदोलन के कारण जिले की शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने ऑनलाइन अवकाश लिया, जिसके चलते कई स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित रहा और कुछ विद्यालयों में ताले लगे रहे। शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है।
टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग शिक्षकों की प्रमुख मांगों में सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी ) की अनिवार्यता समाप्त करना और उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। शिक्षक संघर्ष मोर्चा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से टीईटी से संबंधित प्रक्रिया के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है। ऐसे में पदोन्नति के मामलों में टीईटी को अनिवार्य नहीं किया जाना चाहिए।
पुरानी पेंशन और सेवा अवधि की गणना की मांग शिक्षकों ने एलबी संवर्ग के कर्मचारियों की सेवा अवधि की गणना पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति की तारीख से करने की मांग भी रखी। इसके साथ ही पूर्ण पुरानी पेंशन योजना और शिक्षा विभाग में लागू अन्य सेवा लाभ देने की मांग की गई।
शिक्षकों का कहना है कि, सेवा अवधि को लेकर मौजूदा व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारियों को उनके वास्तविक सेवाकाल के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए इस संबंध में स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।
वेतन विसंगति दूर करने की मांग आंदोलन के दौरान शिक्षकों ने लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग भी उठाई। इसके लिए केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण किए जाने की मांग की गई।
इसके अलावा 13 फरवरी 2026 को जारी राजपत्र में स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
बीएड शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स की मांग शिक्षकों ने बीएड शिक्षक संवर्ग से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। मोर्चा ने शिक्षा विभाग से योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि संबंधित शिक्षक निर्धारित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक उपेन्द्र सिंह और पवन सिंह ने कहा कि, शिक्षक संवर्ग की मांगें लंबे समय से लंबित हैं। शिक्षकों ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक और जिला कलेक्टर के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपा गया। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि, यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगे भी आंदोलन को लेकर रणनीति बनाई जा सकती है।















